योगी राज में 20 हजार में बिकती है मजदूर की जिंदगी !

yogi Laborer
क्या किसी मजदूर की जिन्दगी की कीमत महज 20 हजार रुपये है । 20 हजार रुपये , जी हाँ सुनकर चौंकिए मत, यूपी के मिर्जापुर पुलिस ने एक मजदूर की जिन्दगी की कीमत इतनी ही लगाई है । यंहा एक क्रेशर प्लांट के पट्टे में फँसकर एक मजदूर की मौत हो गई । लेकिन मुख्यमंत्री योगी के निर्देश को नज़रंदाज कर मनमानी करने के आदी हो चुके जिले के पुलिस अधिकारियों की संवेदनहिनता उस समय देखने को मिली जब एक मासूम के मौत पर भी ज़मीर नही जागा और क्रेशर प्लांट के मालिक के साथ समझौता कर मौत की क़ीमत 20.000( बीस हज़ार) लगाव दिया।यह सब तब हुआ जब क्रेशर प्लांट की वैधानिकता को लेकर भी लोग सवाल उठा रहे थे ।  मामला अहरौरा थाना क्षेत्र के बाराडीह पहाड़ी स्थित रासविहारी सिंह के क्रेशर प्लांट का है जहाँ काम कर रहा गैर प्रान्त से आये अर्जुन मजदूर क्रेशर मशीन के पट्टे में फँस गया और उसी में पिस कर उसकी दर्दनाक मौत हो गयी।

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मासूम के मौत से ग़मज़दा परिवार के साथ स्थानीय ग्रामीणों के हंगामा के बाद हरकत में आयी बेरहम पुलिस का भरपूर प्रयास रहा की मामले में लीपापोती कर हल्का कर दिया जाय। मृतक के परिजनों को अपने खाकी के दबाब में लेते हुए स्थानीय थाना प्रभारी ने शव को परिजनों पर ले जाने के लिए विवश कर दिया | स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कई क्रेशर प्लांट अवैध रूप से चलते है जिससे  दुर्घटना होती रहती है, पर बार-बार शिकायत के बाद भी प्रशासन ने संज्ञान में नहीं लिया । इस बारे में क्रेशर मालिक कहते है उनके क्रेशर पर मौत नकही हुई जबकि समाजसेवी  पारस  नाथ कहते है मामला यह है की रासबिहारी का प्लांट है यहाँ मजदूर बाहर से आकर काम करते है | इसी प्लांट में अर्जुन की मौत हो गयी | प्लांट अवैध है हमने बहुत चिट्ठी लिखा लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई अवैध 35 -40 प्लांट चल रहे है | आपको बता दे कि अवैध खनन माफिया पर प्रशासन की मेहरबानी इसी बात से पता चलती है की कुछ ही महीने में एक दर्जन मौत हो चुकी है ,अवैध खनन और क्रेशर प्लांट में लेकिन करवाई के नाम पर हमेशा होता है मजदूर की जिन्दगी का सौदा …

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